Saturday, June 6, 2026

माया और हम


यही तो जानना है !

मां - पिता संयोग से मिले उस स्थूल शरीर में रूह,रब की अमानत है अतः इस गहरी एवं स्थिर सोच के साथ जीवन को एक अवसर समझ कर जीना चाहिए।

अच्छे वक़्त और बुरे वक़्त  दोनों की याद से अंततः दुःख ही मिलता है। किसी और की निगाह मे अपनी हैसियत का अंदाजा कभी सही नहीं हो सकता अतः लगाना भी नहीं नहीं चाहिए।

 मुहब्बत की बुनियाद पर लोग रिश्तों का निर्माण करते हैं लेकिन जरा सोचना कि रिश्ता हार जाय तब भी जिंदगी धीरे - धीरे घिसकती तो रहती है लेकिन 

कुदरत का एक मूल रंग है जिस पर जो चाहो वह रंग चढ़ा दो लेकिन जब और रंग चढ़ जाते है तब ध्यान रखना कि पुनः कुदरत वाले रंग पर उस परिधान को पुनःलौटाया नहीं जा सकता। क्या आप बहु रंगीय संसार में कुदरत के उस मूल एक रंग को पहचानते भी हैं ! वह कुदरत का मूल रंग श्वेत है और श्वेत रंग प्रकाश का है । प्रकाश और आकाश का अटूट रिश्ता है। शब्द का गुण है आकाश में निवास करना और आकाश देखने से आत्मा का बोध होता है। 

~~ ॐ ~~

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