Saturday, October 17, 2009

वह यह्शाश करा रहा है

आप को सोचना है -- न्यूटन , आइंस्टाइन , मैक्स प्लैंक , रमन और इस श्रेणी के वैज्ञानिक क्या खोज रहे थे और उनको क्या मिला ?
मैक्स प्लैंक अंत में आकर बोले---विज्ञान कभी भी प्रकृत को नही पकड़ सकता ...किस मनोस्थिति में उनको
ऐसा मह्शूश हुआ होगा ?
आप सोचिये की कौन सजीव है और कौन निर्जीव ।
आप सोचिये की परमाणु से गलैक्सी तक सभी गतिशील हैं फ़िर टाइम स्पेस में क्या स्थिर है ?
क्या आप जानते हैं की एक अमीबा जो लाखों की संख्या में एक सूई की नोक पर आ सकते हैं उनमें एक लाख
परमाणु होते , इतनें बारीक़ जीव को किसनें बनाया होगा ?
आकाश से हर पल अनगिनत भार रहित कण नयूत्रिनों जिनको सन्देश बाहक कण कहते हैं हमारे जिस्म में
प्रवेश करते हैं और फ़िर बाहर निकल आते हैं । ये आकाशीय कण किस से सूचनाएं लाते हैं और जिस्म में
किसको देते हैं , क्या हम जानते हैं ?
पृथ्वी की गति 1671 किलो मित्र प्रति घंटा है और हमारा सौर्य मंडल 273,000,000 साल में अपनें केन्द्र का एक चक्कर लगाता है । हम सब जब इतनी गति से चल रहें हैं आख़िर कौन यह सब कर रहा है और क्यों कर रहा है ?
Rig-veda says---One without vibration began to vibrate by its own energy and other han that there was nothing .
एक दिन विज्ञानं कहनें वाला है ------Universe is pulsating ।
कुछ बातें आप को यहाँ बताई गयी हैं , आप इन बातो को देखें , समझें और उसकी ओर नजर डालें जो यह
सब कर रहा है ।

=====ॐ======

1 comment:

  1. वह 'परम' अपनी उपस्थिति हर क्षण करा रहा है, पर हम मूढ़मना उसे महसूसना ही नहीं चाहते ...

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