Monday, November 8, 2010

ब्रह्म योगी की एक झलक


यहाँ हम देखनें जा रहे हैं गीता के पांच सूत्रों को :

सन्दर्भ सूत्र -----
18.51
18.52
18.53
18.54
18.55

सूत्र कह रहे हैं -----

** बिषयों के सम्मोहन - राग - द्वेष से अछूता , स्थिर बुद्धि वाला ......
** अल्प अहारी , तन , मन , वचन पर नियंत्रण हो जिसका ,
एकांत बासी हो जो ,बैराग्य में जो पहुंचा हुआ हो
और जिसको समाधी की अनुभूति हुई हो .......

** अहंकार रहित हो जो , शारीरिक बल का अभिमानी जो न हो , काम - क्रोध से अछूता हो जो ....
** समभाव वाला , परा भक्त हो जो ......
** ऐसा भक्त या योगी ब्रह्म स्तर का होता है
और मुझको तत्त्व से समझता है ।

===== ॐ =======

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