Wednesday, May 6, 2009

जरा सोचना

बुद्ध राजा थे , उनके सभी अनुआयी भी राजा थे और उनके सभी उपाध्याय उच्च कोटि के
ब्राह्मण थे लेकिन आज की स्थिति क्या है ?
महाबीर राजा थे , उनके सभी अनुआयी भी राजा थे और उनके सभी गणउच्च कोटि के
ब्राह्मण थे पर आज क्या है ?
महाबीर नंगे बदन सम्पूर्ण भारत का भ्रमण किया और आज भारत में सबसे अधिक कपडों की
दुकानें जैनिओं की हैं
महाबीर-बुद्ध के बाद उनके गण- उपाध्यायों द्वारा उनके शास्त्रों की रचनाएँ की गयी लेकिन
आज वे कहाँ लुप्त हो गए ?
जो राजा महाबीर - बुद्ध के साथ थे वे आज कहाँ हैं ?
यहाँ जो भी आता है चाहे वह-------------------
राजा हो
धर्म हो
मन्दिर हो
या फ़िर धर्म बनानें वाला हो सभी धीरे-धीरे समाप्त हो जाते हैं ----बात क्या है ?
ऊपर जो माध्यम बताये गए वे हम सब के आगे-आगे चलते हैं , कुछ दूरी तक तो हम उनके कदम से
कदम मिलाकर चलते तो हैं लेकिन फ़िर रुक जाते हैं और वे आगे चले जाते हैं ।
जो हमारे आगे - आगे चलते हैं वे हमें उस से मिलाना चाहते हैं --------------
जो कभी समाप्त नही होता , वे जल्दी में होते हैं क्योकि उनके पास समय कम होता है , वे हमारी गति को
अच्छी तरह से जानते हैं , हमें तेज गति से चलाना चाहते हैं पर हम चलना नही चाहते ।
वे चाहते हैं की हमलोग उसको पहचान ले जो सत्य है , जो कभी समाप्त नही होनेवाला है , जिस से
हम हैं और सारा ब्रह्माण्ड है पर हम पत्थर की शिला की तरह भोग में रुके होते हैं ......ऐसे में क्या हो
सकता है ?
सत-पुरूष के पैर से पैर मिलाकर चलना अति कठिन काम है पर एक जगह उनके बाद उनका मन्दिर
बनाकर उनकी मूर्ति की पूजा करना अति आसान है और यही हमें भाता भी है ।
हम अभी तक तो चुकते रहे हैं क्या अब भी चूकना है ?

======ॐ========

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