Monday, August 30, 2010

गीता अमृत - 14


अब इसे भी देखते हैं

गीता के चार श्लोक

श्लोक - 8.5 ..... प्रभु कहते हैं ---- मृत्यु समय जो मुझे याद करता है , वह मुझे प्राप्त करता है ।
श्लोक - 8.6 .... प्रभु कहते हैं ---- मृत्यु के समय मन का भाव उस ब्यक्ति के अगले जन्म को तय करता है ।
श्लोक - 8.8.... प्रभु कहते हैं ---- मुझे जो मन में रखता है , वह मुझमें ही रहता है ।
श्लोक - 15.8.... प्रभु कहते हैं --- मृत्यु के बाद आत्मा के संग मन भी रहता है ।

हम आप को अपनी राय नहीं देना चाहते , आप प्रभु के बचनों को बार - बार सोचें और जो भाव आप के अन्दर आये , उसका साक्षी बनानें की कोशिश करते रहें , प्रभु आप के ह्रदय में भी है ,
आप आज नहीं तो कल
सत को पा ही जायेंगे ॥

===== जय श्री कृष्ण =======

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