Thursday, April 30, 2009

जागो रे

छोटे गोदी के बच्चे की भाति हम भारतीय कहानियां सुनानें एवं सुननें में आनंद लेते हैं और
कहानियों से विज्ञान , पश्चिम में निकलता है----ऐसा क्यों ?
१- भारत सूर्य के सात अलग-अलग रंगों के घोडों की कहानियां हजारों वर्षो से सूना रहा है और पश्चिम के लोग
सूर्य की किरण में red,orange,yellow,green,blue,indigo,violet सात रंगों की अलग - अलग सात
किरणों को खोज निकाला ।
२- भारत हजारों वर्षों से परम-प्रकाश की बात सारेविश्व को बता रहा है लेकिन प्रकाश की गति को नापा पश्चिम
के लोगों ने और इसका पूरा विज्ञान विकशित किया ।
३- गीता सूत्र 13.15 परमात्मा के सम्बन्ध में वही बात बताता है जो बात Heisenberg अपनें इलेक्ट्रोनके
Law of uncertainity में बताई है ।
४- गीता सूत्र 15.13 में ग्रेविटी की बात बताता है । राम- रावण युध्य तथा महाभारत युध्य में अनेक सर
पृथ्वी पर गिरे लिकिन इसको देख कर तथा इस सम्बन्ध में कहानियों को सुन कर कोई भारतीय ग्रेविटी
का सिद्धांत न दे सका , इसका सिद्धांत एक सेव के फल को जमीं पर गिरते देख कर दिया सर आइजक
न्यूटन नें --ऐसा क्यों हुआ ?
५- गीता सूत्र 7.9 अग्नि में तेज की बात बताता है लेकिन इस का विज्ञान दिया Max Planck नें क्यों कोई
भारतीय इस विषय पर नहीं सोचा ?
६- गीता सूत्र 7.8 कहता है --शब्द का स्वभाव है आकाश में गूंजना और इस सिद्धांत को पकड़ कर पूरा विज्ञान
विकशित हुआ पश्चिम में --ऐसा क्यों हुआ ?
७- भारत में अग्नि एवं शून्य को पकडा गया लेकिन दोनों का विज्ञान बना पश्चिम में --क्यों ?
हम भारतीय कब उठें गे ? जागो भारत बुद्धिजीवी जागो कब तक कहानियों को सुनाओगे और सुनते रहोगे ?

कहानियों को सुननें की आदत हमारी पुरानी है इसको बदलनें के लिए होश पैदा करनें की जरुरत है ।
कहानियां बच्चों को सुलानें के लिए तो ठीक हैं लेकिन उनके लिए यह जहर है जो बुद्धि केंद्रित लोग हैं ।
भारत में विज्ञान को भी कहानी में बदल दिया जाता है और पश्चिम में कहानिओं से विज्ञान निकाला जाता है ।

=======ॐ======

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