Monday, February 8, 2010

गीता ज्ञान - 70

कृष्ण के रंग में रंगा कौन है ?

श्री राम की कथा सुननें वाला या सुनानें वाला श्री राम मय होता है ?
श्री कृष्ण की कथा सुननें वाला या सुनानें वाला कृष्ण मय होता है ?
एक ओंकार का जप करनें वाला ॐ मय हो पाता है ?
गायत्री का जाप करनें वाला क्या गायत्री मय हो पाता है ?
मंदिर निर्माण करानें वाला क्या मंदिर मय हो सकता है ?
क्या श्री राम श्री कृष्ण की मूर्ती बना कर बेचनें वाला राम मय या कृष्ण मय हो पाते हैं ?
अब देखिये -----
क्या मीरा - राधा कृष्ण मय नहीं थी ?
क्या परम हंस जी माँ काली मय नहीं थे ?
क्या नानक - कबीर राम मय नहीं थे ?
राम एवं कृष्ण के रंग में वह रंगता है जो .....
भोग - भजन , भोजन - उपवाश , चलते - फिरते , सोते - जागते संसार के अन्दर , पुरे ब्रह्माण्ड में अपनें ह्रदय के माध्यम से राम - कृष्ण की आवाज को सुनता है और राम - कृष्ण के रंग को देखता है ।
जो ऐसा करनें में सक्षम है उसकी पीठ भोग की ओर होती है और आँखें राम - कृष्ण में डूबी होती हैं ।
जब अपना घर एक मंदिर बन जाए ....
जब घर का बच्चा कृष्ण - राम के रूप में दिखनें लगे तो उस ब्यक्ति को ----
राम - कृष्ण को खोजना नहीं पड़ता ।

====ॐ=====

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